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कथाValmiki Ramayana, Bala Kandaवाल्मीकि रामायण, बाल कांड (सर्ग 8-18)

श्री राम का जन्म

निःसंतान राजा दशरथ ने ऋषि ऋष्यशृंग द्वारा पुत्रकामेष्टि यज्ञ करवाया। अग्नि से प्रकट दिव्य पुरुष ने तीनों रानियों के लिए पायस दिया। उसी समय विष्णु ने रावण वध हेतु अवतार लेना स्वीकार किया, और राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ।

1 मिनट में पढ़ें · अपडेट 27 Oct 2026

कथा

रामायण का आरंभ एक तड़प से होता है: अयोध्या के राजा दशरथ के पास सब कुछ था, सिवाय एक पुत्र के। राम और उनके भाइयों का जन्म उसी तड़प का उत्तर है।

पुत्रकामेष्टि यज्ञ

गुरु वसिष्ठ के परामर्श से दशरथ ने ऋषि ऋष्यशृंग से पुत्रकामेष्टि यज्ञ करवाया। ऋष्यशृंग, जिनके पुत्र आगे चलकर राक्षस अलम्बुष हुए, ने अग्नि प्रज्वलित की। अग्नि से एक दिव्य पुरुष प्रकट हुए और पायस का पात्र दिया। दशरथ ने उसे कौसल्या, कैकेयी और सुमित्रा में बांटा।

विष्णु का अवतरण

उसी समय देवताओं ने विष्णु से रावण के वध हेतु मनुष्य रूप में जन्म लेने की प्रार्थना की, क्योंकि अहंकारवश रावण ने मनुष्य से रक्षा नहीं मांगी थी। विष्णु ने स्वीकार किया।

चार राजकुमारों का जन्म

चैत्र शुक्ल नवमी को कौसल्या से राम, कैकेयी से भरत, और सुमित्रा से जुड़वाँ लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ। यह दिन राम नवमी के रूप में मनाया जाता है।

अर्थ और सीख

यह कथा एक पिता की संतान-कामना और संसार की मुक्ति-प्रार्थना को एक कर देती है, यह सिखाते हुए कि ईश्वर सच्ची पुकार पर अवतरित होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दशरथ लंबे समय तक निःसंतान क्यों रहे?
तीन रानियों और लंबे शासन के बावजूद उन्हें कोई उत्तराधिकारी न था।
पुत्रकामेष्टि यज्ञ क्या है?
संतान-प्राप्ति हेतु किया जाने वाला वैदिक यज्ञ।
यज्ञ किसने करवाया?
ऋषि ऋष्यशृंग ने, गुरु वसिष्ठ के मार्गदर्शन में।
राम का जन्म कब हुआ?
चैत्र शुक्ल नवमी को, जो राम नवमी के रूप में मनाई जाती है।
राम के भाई और माताएं कौन थीं?
राम कौसल्या से, भरत कैकेयी से, और जुड़वाँ लक्ष्मण-शत्रुघ्न सुमित्रा से।

स्रोत

  1. वाल्मीकि रामायण, बाल कांड (सर्ग 8-18)
  2. तुलसीदास कृत रामचरितमानस, बाल कांड
  3. विकिपीडिया, राम (अक्टूबर 2026)

पढ़ें हमारी संपादकीय नीति कि शास्त्र, पुराण और लोक परंपरा को कैसे चिह्नित किया जाता है।