

मंदोदरी लंका की विदुषी और धर्मपरायण रानी और रावण की पत्नी थीं, जिन्होंने बार-बार सीता को लौटाने और युद्ध टालने की सलाह दी। वे पंचकन्याओं में गिनी जाती हैं।
भूमिकालंका की रानी; रावण की पत्नी
जीवनसाथीरावण
माता-पिताइंद्रजीत (मेघनाद), मय
पक्षलंका; मय की पुत्री
किसमें आते हैंरामायण
समूहरावण का परिवार
मंदोदरी कौन थे?
मंदोदरी कौन हैं?
मंदोदरी लंका की पट्टरानी, रावण की पत्नी और इंद्रजीत (मेघनाद) की माता थीं। दैवीय शिल्पी मय की पुत्री, वे सौंदर्य, बुद्धि और धर्म के लिए प्रसिद्ध थीं।
विवेकी परामर्शदाता
रामायण में बार-बार मंदोदरी ने रावण से सीता को लौटाने और विनाशकारी युद्ध टालने की प्रार्थना की। वे जानती थीं कि राम साधारण मनुष्य नहीं।
शोक और गरिमा
रावण के वध पर मंदोदरी का विलाप महाकाव्य के सबसे मार्मिक प्रसंगों में से एक है। अपनी अटल धर्मनिष्ठा के लिए वे पंचकन्याओं में गिनी जाती हैं।
रामायण में स्थान
मंदोदरी दिखाती हैं कि महाकाव्य का नैतिक संसार केवल देव-दानव का नहीं, वे रावण के दरबार में विवेक की आवाज़ थीं।
वाल्मीकि रामायण में
मंदोदरी 3 कांडों के 5 सर्गों में आते हैं।











