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कथाValmiki Ramayana, Uttara Kandaवाल्मीकि रामायण, उत्तर कांड

लव-कुश और अश्वमेध का घोड़ा

वाल्मीकि के आश्रम में पले और रामायण व अस्त्र-विद्या में निपुण राम के जुड़वाँ पुत्र लव-कुश ने अश्वमेध के घोड़े को बांध लिया और अयोध्या की सेना तथा शत्रुघ्न, लक्ष्मण और भरत को परास्त किया। अंत में वाल्मीकि ने बताया कि वे राम और सीता के पुत्र हैं।

1 मिनट में पढ़ें · अपडेट 27 Oct 2026

कथा

रामायण के उत्तर कांड में राम की उन दो पुत्रों से भेंट होती है जिन्हें वे जानते तक न थे। सीता के जुड़वाँ पुत्र लव और कुश ऋषि वाल्मीकि के आश्रम में पले।

आश्रम के बालक

वाल्मीकि ने उन्हें वेद, अस्त्र-विद्या और संपूर्ण रामायण सिखाई, जिसे वे यह जाने बिना गाते थे कि वह उन्हीं की कथा है।

अश्वमेध का घोड़ा

राम के अश्वमेध का घोड़ा वाल्मीकि के वन के पास आया। लव-कुश ने उसे पकड़कर बांध लिया।

पिता और पुत्र

शत्रुघ्न, लक्ष्मण और भरत एक-एक कर परास्त हुए, और अंत में राम स्वयं आए। तभी वाल्मीकि और सीता ने सत्य प्रकट किया। वे बालक पहले ही राम की सभा में रामायण गा चुके थे, जैसा लव और कुश की कथा में है।

अर्थ और सीख

यह कथा रामायण का अपने पर लौटना है: पुत्र अपने पिता की कथा उसी कवि से सीखते हैं। इसमें शौर्य और करुणा दोनों हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लव-कुश कौन थे?
राम और सीता के जुड़वाँ पुत्र, जो वाल्मीकि के आश्रम में पले।
लव-कुश राम से कैसे मिले?
अश्वमेध का घोड़ा पकड़कर और अयोध्या की सेना को हराकर।
अश्वमेध यज्ञ क्या है?
राजा की सार्वभौमता का अश्व यज्ञ।
लव-कुश को किसने सिखाया?
ऋषि वाल्मीकि ने।

स्रोत

  1. वाल्मीकि रामायण, उत्तर कांड
  2. रामचरितमानस तथा परवर्ती रामायण परंपराएं
  3. विकिपीडिया, लव और कुश (अक्टूबर 2026)

पढ़ें हमारी संपादकीय नीति कि शास्त्र, पुराण और लोक परंपरा को कैसे चिह्नित किया जाता है।