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स्थल

प्रयाग

गंगा और यमुना के संगम पर स्थित प्रयाग ऋषि भरद्वाज के आश्रम का स्थान है। वनवास के आरंभ में राम, सीता और लक्ष्मण यहाँ विश्राम करते हैं, और भरद्वाज उन्हें चित्रकूट का मार्ग बताते हैं।

अद्यतन 30 Oct 20262 sources

क्षेत्रPrayagraj, Uttar Pradesh

प्रयाग पवित्र क्यों है?

भरद्वाज वनवासियों का स्वागत कर उन्हें चित्रकूट पर रहने की सलाह देते हैं। बाद में वे अपने तप के बल से भरत की पूरी सेना का आतिथ्य करते हैं, जो अयोध्याकांड का भव्य प्रसंग है।

पुष्पक से घर लौटते हुए राम फिर प्रयाग में ऋषि को प्रणाम करने रुकते हैं और हनुमान को भरत के पास आगे भेजते हैं।

पहचानTraditional identificationPrayagraj, Uttar Pradesh

प्रयाग में घटित सर्ग

वाल्मीकि रामायण के 7 सर्ग यहाँ घटित होते हैं।

प्रयाग में कौन है