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त्योहारKartik Shukla Chaturthi to Saptami; the central Sandhya Arghya falls on Kartik Shukla Shashthi, the sixth day of the waxing moon in Kartik (October-November), about six days after Diwali.

छठ पूजा

छठ पूजा सूर्यदेव और छठी मैया को समर्पित चार दिन का पर्व है, जो बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल में मनाया जाता है। बिना पुरोहित और मूर्ति के, व्रती जल में खड़े होकर डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं।

यह क्या है?

सूर्यदेव और छठी मैया को समर्पित चार दिन का कृतज्ञता-पर्व, जो मुख्यतः बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल में मनाया जाता है, जिसमें जल में खड़े होकर डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।

यह क्यों मनाया जाता है?

जीवन और आरोग्य के प्रत्यक्ष स्रोत सूर्य के प्रति आभार प्रकट करने और पवित्रता व व्रत के द्वारा परिवार की कुशलता और दीर्घायु की कामना हेतु।

यह कैसे मनाया जाता है?

  1. 1नहाय खाय: स्नान और एक सादा भोजन
  2. 2खरना: दिनभर व्रत, संध्या को गुड़ की खीर से पारण, फिर निर्जला व्रत आरंभ
  3. 3संध्या अर्घ्य: जल में खड़े होकर डूबते सूर्य को सूप में फल और ठेकुआ सहित अर्घ्य
  4. 4उषा अर्घ्य: उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छत्तीस घंटे का व्रत संपन्न

छठ पूजा हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन और कठिन व्रत-पर्वों में से एक है, सूर्य और छठी मैया को समर्पित चार दिन का कृतज्ञता-पर्व। यह बिना पुरोहित, मूर्ति और मंदिर का पर्व है: व्रती नदी या तालाब में खड़े होकर साक्षात् दिखने वाले सूर्य को अर्घ्य देते हैं।

छठ के चार दिन

पहले दिन नहाय खाय में स्नान और एक सादा भोजन होता है। दूसरे दिन खरना पर दिनभर व्रत रखकर संध्या को गुड़ की खीर से पारण किया जाता है, और फिर निर्जला व्रत आरंभ होता है। तीसरे दिन संध्या अर्घ्य में डूबते सूर्य को और चौथे दिन उषा अर्घ्य में उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत संपन्न होता है।

सूर्य की अन्य पूजाएं

छठ के अतिरिक्त सूर्य की उपासना रथ सप्तमी, मकर संक्रांति, सांब दशमी, दैनिक अर्घ्य, सूर्य नमस्कार, गायत्री और आदित्य हृदय के पाठ से भी होती है। रविवार सूर्य का व्रत-दिवस है। इसकी कथा सूर्य और कर्ण के जन्म में विस्तार से दी गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छठ पूजा क्या है?
छठ सूर्यदेव और छठी मैया को समर्पित चार दिन का पर्व है, जिसमें व्रत रखकर जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
छठ पूजा कब मनाई जाती है?
कार्तिक शुक्ल षष्ठी को, दीपावली के लगभग छह दिन बाद (अक्टूबर-नवंबर)।
छठ में किसकी पूजा होती है?
सूर्यदेव और छठी मैया की।
छठ के चार दिन कौन-से हैं?
नहाय खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य।
कर्ण का छठ से क्या संबंध है?
सूर्यपुत्र कर्ण को जल में खड़े होकर अपने पिता सूर्य को अर्घ्य देने वालों में प्रथम माना जाता है।

स्रोत

  1. सूर्य उपासना की पुराण और लोक-परंपराएं
  2. वाल्मीकि रामायण, युद्ध कांड (आदित्य हृदय)
  3. बिहार और पूर्वी भारत की छठ व्रत-कथा परंपराएं
  4. विकिपीडिया, छठ (अक्टूबर 2026)

पढ़ें हमारी संपादकीय नीति कि शास्त्र, पुराण और लोक परंपरा को कैसे चिह्नित किया जाता है।