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कथाMahabharata, Adi Parvaमहाभारत, आदि पर्व (कर्ण का जन्म)

सूर्य और कर्ण का जन्म

जब युवा कुंती ने दुर्वासा ऋषि के दिए मंत्र को परखा, तो उन्होंने सूर्यदेव का आवाहन किया, और सूर्य को वरदान का मान रखना पड़ा। उनका पुत्र कर्ण था, जो दिव्य कवच-कुंडल के साथ तेजस्वी जन्मा। भयवश कुंती ने उसे नदी में बहा दिया, और वह एक सारथी के पुत्र के रूप में पला।

1 मिनट में पढ़ें · अपडेट 27 Oct 2026

कथा

सूर्यदेव सूर्य कैसे महाभारत के सबसे करुण नायक कर्ण के पिता बने, यह कथा एक वरदान और एक किशोरी की जिज्ञासा से आरंभ होती है।

दुर्वासा का वरदान

कुंती ने राजा कुंतिभोज के घर दुर्वासा ऋषि की इतनी सेवा की कि उन्होंने एक गुप्त मंत्र दिया: जब चाहें, किसी भी देव का आवाहन कर संतान पा सकती थीं।

कुंती सूर्य को पुकारती हैं

एक प्रातः कुतूहलवश कुंती ने उगते सूर्य की ओर मंत्र पढ़ा। तत्क्षण सूर्य प्रकट हुए। भयभीत कुंती ने लौट जाने की प्रार्थना की, पर वरदान को फलीभूत होना ही था। सूर्य ने आश्वासन दिया कि उनका पुत्र तेजस्वी होगा और उनका कन्यात्व अक्षत रहेगा।

तेजस्वी पुत्र का जन्म

इस प्रकार कर्ण का जन्म हुआ, जो अपने पिता के तेज से दीप्त और जन्मजात कवच-कुंडल से युक्त था। लोकलज्जा से कुंती ने शिशु को नदी में बहा दिया, और सारथी अधिरथ तथा राधा ने उसे पाला।

पिता की दृष्टि

दूर होकर भी सूर्य ने कर्ण की चिंता न छोड़ी। जब इंद्र भिक्षुक के वेष में कवच-कुंडल मांगने आए, तब सूर्य ने स्वप्न में पुत्र को सावधान किया। पर अपने वचन से बंधे कर्ण ने उन्हें दान कर दिया।

अर्थ और सीख

यह कथा दिखाती है कि आत्मा का मूल्य जन्म से नहीं, अंतर के तेज से है। कर्ण अपने पिता का तेज और दानशीलता लिए हैं, फिर भी अज्ञात वंश के कारण जीवनभर कष्ट पाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्ण के वास्तविक पिता कौन थे?
कर्ण के पिता सूर्यदेव थे, जो दुर्वासा के मंत्र के आवाहन पर कुंती के समक्ष प्रकट हुए।
कर्ण का जन्म कैसे हुआ?
विवाह से पूर्व सूर्य की शक्ति से, दिव्य कवच-कुंडल के साथ तेजस्वी जन्म।
कुंती ने कर्ण को क्यों त्यागा?
अविवाहित और लोकलज्जा से भयभीत होकर उन्होंने शिशु को नदी में बहा दिया।
सूर्य ने कर्ण को किस बात की चेतावनी दी?
कि इंद्र भिक्षुक का वेष धरकर उनके कवच-कुंडल मांगने आएंगे।

स्रोत

  1. महाभारत, आदि पर्व (कर्ण का जन्म)
  2. महाभारत, वन और कर्ण पर्व (कवच-कुंडल और कर्ण का अंत)
  3. विकिपीडिया, कर्ण (अक्टूबर 2026)

पढ़ें हमारी संपादकीय नीति कि शास्त्र, पुराण और लोक परंपरा को कैसे चिह्नित किया जाता है।