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कथाValmiki Ramayana, Yuddha Kandaवाल्मीकि रामायण, युद्ध कांड

इंद्रजित और नागपाश

रावण का पुत्र इंद्रजित माया से लड़ता था। उसने नागपाश से राम और लक्ष्मण को बांध दिया। तब विष्णु के वाहन गरुड़ आए और सर्प भाग खड़े हुए, दोनों भाई मुक्त हो गए। अंत में विभीषण के भेद बताने पर लक्ष्मण ने इंद्रजित का वध किया।

1 मिनट में पढ़ें · अपडेट 27 Oct 2026

कथा

लंका का सबसे भयंकर योद्धा रावण नहीं, उसका पुत्र इंद्रजित (मेघनाद) था, जिसने इंद्र को भी जीता था।

नागपाश

माया से छिपकर इंद्रजित ने नागपाश छोड़ा, जिससे राम और लक्ष्मण सर्पों में बंधकर मूर्छित हो गए।

गरुड़ का आगमन

तभी विष्णु के वाहन गरुड़ आए, और सर्प अपने पुरातन शत्रु को देखकर भाग खड़े हुए। दोनों भाई पुनः तेजस्वी हो उठे।

इंद्रजित का अंत

अंत में विभीषण ने निकुंभिला यज्ञ का भेद बताया, और हनुमान सहित लक्ष्मण ने यज्ञ रोककर घोर युद्ध में इंद्रजित का वध किया।

अर्थ और सीख

कथा सिखाती है कि सबसे बड़ी शक्ति की भी सीमा है; नागपाश बल से नहीं, गरुड़ के (विष्णु की कृपा के) आगमन से टूटा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंद्रजित कौन थे?
रावण का पुत्र मेघनाद, जिसने इंद्र को जीता और माया का स्वामी था।
नागपाश क्या है?
सजीव सर्पों का बंधन-अस्त्र, जिससे इंद्रजित ने राम-लक्ष्मण को बांधा।
दोनों भाई कैसे मुक्त हुए?
गरुड़ के आने पर सर्प भाग गए।
इंद्रजित का वध कैसे हुआ?
विभीषण के भेद पर लक्ष्मण ने निकुंभिला यज्ञ को रोककर उसे मारा।

स्रोत

  1. वाल्मीकि रामायण, युद्ध कांड
  2. तुलसीदास कृत रामचरितमानस, लंका कांड
  3. विकिपीडिया, इंद्रजित (अक्टूबर 2026)

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