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कथाPuranic tradition and regional customभागवत पुराण (नरकासुर, गोवर्धन)

दीपावली के पाँच दिन: धनतेरस से भाई दूज तक

दीपावली एक दिन नहीं, पाँच दिन का पर्व है — धनतेरस, नरक चतुर्दशी, लक्ष्मी पूजा, गोवर्धन पूजा और भाई दूज — हर दिन की अपनी कथा और अपना अनुष्ठान।

1 मिनट में पढ़ें · अपडेट 24 Oct 2026

इस कथा के पात्र

कथा

पाँच दिन, एक ज्योति-पर्व

दीपावली भारत के अधिकांश भागों में पाँच दिन मनाई जाती है, हर दिन का अपना नाम, कथा और अनुष्ठान। ये धन संचय से लेकर अंधकार पर प्रकाश की विजय, समृद्धि की पूजा, प्रकृति की सेवा और भाई-बहन के स्नेह तक ले जाते हैं।

पहला दिन — धनतेरस

पर्व का आरंभ धनतेरस (धन-त्रयोदशी) से होता है, जो समुद्र-मंथन से अमृत-कलश लेकर प्रकट हुए देववैद्य धन्वंतरि को समर्पित है। लोग घर साफ करते हैं, धातु — सोना, चांदी या कम से कम एक बर्तन — खरीदते हैं और पहला दीप जलाते हैं। संध्या में लक्ष्मी और कुबेर की पूजा होती है।

दूसरा दिन — नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली)

नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली याद दिलाती है कि कैसे कृष्ण और सत्यभामा ने नरकासुर का वध कर सोलह हजार बंदियों को मुक्त किया। लोग प्रातः अभ्यंग स्नान करते हैं।

तीसरा दिन — लक्ष्मी पूजा (मुख्य दीपावली)

कार्तिक की अमावस्या, सबसे अंधेरी रात, पर्व का हृदय है: लक्ष्मी पूजा। घर दीपों से जगमगाते हैं; लक्ष्मी और गणेश की पूजा होती है। यही राम के अयोध्या लौटने की रात भी है।

चौथा दिन — गोवर्धन पूजा / अन्नकूट

गोवर्धन पूजा याद दिलाती है कि कैसे कृष्ण ने इंद्र की प्रलयंकारी वर्षा से व्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को एक उंगली पर उठाया। भक्त अन्नकूट अर्पित करते हैं।

पाँचवाँ दिन — भाई दूज

पर्व का समापन भाई दूज से होता है, जो यम और उनकी बहन यमुना की कथा से भाई-बहन के स्नेह का सम्मान करता है। बहनें भाइयों को तिलक लगाकर दीर्घायु की कामना करती हैं।

अर्थ और सीख

दीपावली के पाँच दिन मिलकर एक पूर्ण कथा कहते हैं: कल्याण का संचय, अंधकार पर प्रकाश की विजय, कृतज्ञता से समृद्धि का स्वागत, अहंकार पर प्रकृति का सम्मान, और परिवार के स्नेह का मोल।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपावली कितने दिन मनाई जाती है?
अधिकांश भारत में पाँच दिन: धनतेरस, नरक चतुर्दशी, लक्ष्मी पूजा, गोवर्धन पूजा और भाई दूज।
मुख्य दीपावली कौन सा दिन है?
तीसरा दिन, कार्तिक अमावस्या, जब लक्ष्मी पूजा होती है।
धनतेरस क्या है?
पहला दिन, जब लोग धातु खरीदते हैं और लक्ष्मी, कुबेर व धन्वंतरि की पूजा करते हैं।
भाई दूज क्या है?
पाँचवाँ दिन, यम और यमुना की कथा से भाई-बहन के स्नेह का पर्व।
गोवर्धन पूजा दीपावली का भाग क्यों है?
चौथे दिन, कृष्ण के गोवर्धन उठाने की याद में; भक्त अन्नकूट अर्पित करते हैं।

स्रोत

  1. भागवत पुराण (नरकासुर, गोवर्धन)
  2. भारत भर की दीपावली लोकपरंपरा

पढ़ें हमारी संपादकीय नीति कि शास्त्र, पुराण और लोक परंपरा को कैसे चिह्नित किया जाता है।