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हंस
Mountप्रतीक विज्ञान

हंस: अर्थ

हंस ब्रह्मा और सरस्वती का वाहन है। माना जाता है कि हंस दूध और पानी को अलग कर सकता है, इसलिए यह सत्य और असत्य के विवेक का प्रतीक है। सर्वोच्च संन्यासियों को 'परमहंस' कहा जाता है।

यह किसका प्रतीक है?

परंपरा के अनुसार

हंस नीर-क्षीर विवेक के लिए प्रसिद्ध है: दूध को पानी से अलग करके केवल दूध पीने की शक्ति। परंपरा इसे शाश्वत और क्षणिक, सत्य और असत्य के बीच विवेक मानती है, जो ज्ञान का वरदान है। क्योंकि यह जल, थल और आकाश में सहजता से विचरता है, यह उस आत्मा का भी प्रतीक है जो संसार में रहते हुए भी उससे बँधी नहीं।