सूर्य से गढ़ा गया
दिव्य शिल्पी विश्वकर्मा सूर्य के चकाचौंध करने वाले तेज को तराशते हैं, और उसके कणों से विष्णु के लिए चक्र बनाते हैं।


सुदर्शन चक्र विष्णु का घूमता हुआ बहु-आरा वाला चक्र है, उनका सर्वोच्च अस्त्र, जो धर्म की रक्षा करता और बुराई का नाश करता है। यह कालचक्र और एकाग्र मन का प्रतीक है।
ग्रंथों में इसकी अलग-अलग कथाएँ हैं।
दिव्य शिल्पी विश्वकर्मा सूर्य के चकाचौंध करने वाले तेज को तराशते हैं, और उसके कणों से विष्णु के लिए चक्र बनाते हैं।
विष्णु हज़ार कमलों से शिव की पूजा करते हैं। एक कमल कम पड़ता है, तो वे अपना कमल जैसा नेत्र अर्पित कर देते हैं, और शिव उन्हें चक्र देते हैं।
खांडव वन दहन के समय अग्नि और वरुण कृष्ण को चक्र और कौमोदकी गदा देते हैं।