भृगु के वंशज रामायण में कई भूमिकाएँ निभाते हैं: परशुराममिथिला से लौटते राम का मार्ग रोकते हैं, च्यवन लवण के विरुद्ध राम से सहायता माँगते हैं, और शुक्र का शाप दंड के राज्य को दंडक वन बना देता है। पौराणिक परंपरा में भृगु ने त्रिदेवों की परीक्षा ली और विष्णु के वक्ष पर पैर रखा।