

जटायु अरुण के पुत्र और गृध्रराज थे, जो राजा दशरथ के मित्र थे। सीता को बचाने के लिए उन्होंने रावण से युद्ध किया और पंख कटने के बाद श्रीराम को सीता का समाचार देकर प्राण त्यागे। श्रीराम ने स्वयं उनका अंतिम संस्कार किया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जटायु कौन थे?
गिद्धों के वृद्ध राजा, अरुण के पुत्र और दशरथ के मित्र, जिन्होंने सीता को बचाने के लिए रावण से युद्ध किया।
जटायु के भाई कौन थे?
संपाति, जिन्होंने बाद में वानरों को बताया कि सीता लंका में हैं।
जटायु कहाँ गिरे थे?
परंपराएँ केरल के जटायुपारा और आंध्र प्रदेश के लेपाक्षी सहित कई स्थानों की ओर संकेत करती हैं।
स्रोत
- वाल्मीकि रामायण, अरण्य कांड (सर्ग 14, 50-51, 67-68)
- वाल्मीकि रामायण, किष्किंधा कांड (सर्ग 56-63, संपाति)
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