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त्योहारसूर्य का मकर राशि में प्रवेश

मकर संक्रांति

मकर संक्रांति पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण शुरू होता है। लोग पवित्र स्नान करते हैं, तिल-गुड़ और खिचड़ी बाँटते हैं, पतंग उड़ाते हैं और दान करते हैं।

अगला: शुक्रवार, 15 जनवरी 2027

संक्षेप में

मकर संक्रांति 2027: शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 (सूर्य का मकर राशि में प्रवेश)। 2026 में यह बुधवार, 14 जनवरी 2026 को था।

तिथियाँ दिल्ली पंचांग के अनुसार हैं और आपके क्षेत्र में एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं, इसलिए मुहूर्त स्थानीय पंचांग से देखें।

मकर संक्रांति 2027 शुक्रवार, 15 जनवरी को है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण आरंभ होता है, जिसे परंपरा वर्ष का सबसे शुभ आधा भाग मानती है। अधिकतर त्योहारों के विपरीत यह सौर पंचांग से चलता है, इसलिए इसकी तिथि लगभग हर वर्ष 14 या 15 जनवरी ही रहती है। यह पर्व सूर्य देव को समर्पित है और देश भर में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है।

मकर संक्रांति 2027 की तिथि

2027 में सूर्य 14 जनवरी की रात, सूर्यास्त के बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे। पुण्य काल सूर्योदय से गिना जाता है, इसलिए पर्व शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को मनाया जाएगा। 2026 में यह बुधवार, 14 जनवरी को था। अपने शहर का पुण्य काल स्थानीय पंचांग से देखें।

मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है

यह पर्व सूर्य को जीवन और फसल के दाता के रूप में धन्यवाद देता है। महाभारत में भीष्म पितामह शरशय्या पर उत्तरायण की प्रतीक्षा करते हैं, क्योंकि उत्तरायण में देह त्याग को मोक्षदायी माना गया है। लोक परंपरा के अनुसार इस दिन सूर्य अपने पुत्र शनि, मकर के स्वामी, से मिलने जाते हैं, इसलिए यह दिन मेल-मिलाप और मिठास से जुड़ा है। बंगाल का गंगासागर मेला भगीरथ द्वारा लाई गई गंगा के सागर से मिलन की याद दिलाता है।

मकर संक्रांति कैसे मनाई जाती है

  • पवित्र स्नान: गंगा, यमुना, गोदावरी या गंगासागर में सूर्योदय के समय स्नान और सूर्य को अर्घ्य।
  • तिल-गुड़: तिल के लड्डू, तिलकुट और चिक्की बाँटे जाते हैं; महाराष्ट्र में कहते हैं "तिळगुळ घ्या, गोड गोड बोला"।
  • खिचड़ी और दान: उत्तर प्रदेश और बिहार में इसे खिचड़ी कहते हैं; चावल, दाल, कंबल और तिल का दान होता है।
  • पतंग: गुजरात और राजस्थान में उत्तरायण पर आकाश पतंगों से भर जाता है।
  • फसल उत्सव: तमिलनाडु में पोंगल, पंजाब में एक रात पहले लोहड़ी और असम में माघ बिहू।

मकर संक्रांति का अर्थ

मकर संक्रांति प्रकाश की ओर मुड़ने का पर्व है। जैसे-जैसे दिन लंबे होते हैं, परिवार फसल के लिए धन्यवाद देते हैं, जो है उसे बाँटते हैं और मीठा बोलने का संकल्प लेते हैं। पूरे वर्ष के पर्व हिंदू त्योहार कैलेंडर पर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में मकर संक्रांति कब है?
मकर संक्रांति 2027 शुक्रवार, 15 जनवरी को है। सूर्य 14 जनवरी की रात मकर राशि में प्रवेश करेंगे, इसलिए पर्व अगले दिन मनाया जाएगा।
मकर संक्रांति हमेशा जनवरी में क्यों आती है?
यह सौर पंचांग, यानी सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से तय होती है, इसलिए 14 या 15 जनवरी को ही पड़ती है।
मकर संक्रांति के अन्य नाम क्या हैं?
तमिलनाडु में पोंगल, गुजरात में उत्तरायण, उत्तर प्रदेश और बिहार में खिचड़ी, असम में माघ बिहू और पंजाब में माघी।

स्रोत और आगे पढ़ें

  1. Mahabharata, Anushasana Parva (Bhishma and Uttarayana), Sacred Texts
  2. हिंदू त्योहार तिथियाँ 2026 (Samvat पंचांग)
  3. हिंदू त्योहार तिथियाँ 2027 (Samvat पंचांग)

पढ़ें हमारी संपादकीय नीति कि शास्त्र, पुराण और लोक परंपरा को कैसे चिह्नित किया जाता है।

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