सामग्री पर जाएँ
त्योहारथाई मास का आरंभ (मकर संक्रांति)

पोंगल

पोंगल तमिलनाडु का चार दिवसीय फसल पर्व है। नई चावल को दूध और गुड़ में उसके उफनने तक पकाया जाता है और सूर्य, वर्षा व पशुओं का आभार माना जाता है।

अगला: गुरुवार, 14 जनवरी 2027

संक्षेप में

पोंगल 2027: 14 जनवरी 2027 से 17 जनवरी 2027 तक (थाई मास का आरंभ (मकर संक्रांति))। 2026 में यह बुधवार, 14 जनवरी 2026 को था।

तिथियाँ दिल्ली पंचांग के अनुसार हैं और आपके क्षेत्र में एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं, इसलिए मुहूर्त स्थानीय पंचांग से देखें।

पोंगल 2027 गुरुवार, 14 जनवरी से रविवार, 17 जनवरी तक मनाया जाएगा, जिसका मुख्य दिन थाई पोंगल शुक्रवार, 15 जनवरी को है। यह तमिलनाडु और विश्व भर के तमिल समुदाय का चार दिवसीय फसल पर्व है, जो सूर्य के मकर प्रवेश और थाई मास के आरंभ पर मनाया जाता है। नई चावल को दूध और गुड़ में उबलकर बने इस व्यंजन के उफनने पर "पोंगलो पोंगल!" की ध्वनि गूँजती है। यह सूर्य, पशुओं और धरती का आभार है।

पोंगल 2027 की तिथियाँ

  • भोगी पोंगल: गुरुवार, 14 जनवरी 2027
  • थाई पोंगल (सूर्य पोंगल): शुक्रवार, 15 जनवरी 2027
  • मट्टू पोंगल: शनिवार, 16 जनवरी 2027
  • काणुम पोंगल: रविवार, 17 जनवरी 2027

2026 में थाई पोंगल बुधवार, 14 जनवरी को था। शेष भारत में इसी दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है।

पोंगल क्यों मनाया जाता है

पोंगल धान की नई फसल के लिए धन्यवाद है। उफनता पात्र समृद्धि का प्रतीक है; तमिल कहावत "थाई पिरंदाल वाझि पिरक्कुम" का अर्थ है, थाई आते ही नया रास्ता खुलता है। भोगी वर्षा के देवता इंद्र को, थाई पोंगल सूर्य को और मट्टू पोंगल खेत जोतने वाले पशुओं को समर्पित है। एक लोक कथा कहती है कि शिव ने नंदी को धरती पर भेजा और संदेश की भूल से बैल खेती में मनुष्य के साथी बन गए, इसीलिए मट्टू पोंगल पर उनका सम्मान होता है।

पोंगल कैसे मनाया जाता है

  • भोगी: पुरानी वस्तुएँ अलाव में जलाई जाती हैं और घर साफ किए जाते हैं।
  • थाई पोंगल: उगते सूर्य की ओर मिट्टी के नए पात्र में मीठा पोंगल पकाया जाता है और गन्ने के साथ सूर्य को अर्पित होता है।
  • कोलम: हर द्वार पर चावल के आटे से सुंदर आकृतियाँ बनाई जाती हैं।
  • मट्टू पोंगल: गाय-बैलों को नहलाकर सींग रंगे जाते हैं और मालाएँ पहनाई जाती हैं।
  • काणुम पोंगल: परिवार संबंधियों से मिलते हैं और बहनें भाइयों के कल्याण की प्रार्थना करती हैं।

पोंगल का अर्थ

पोंगल कृतज्ञता का उत्सव है: सूर्य, वर्षा, पशु और मिट्टी, सबका अपना दिन है। उफनता पात्र समृद्ध वर्ष की सरल कामना है। सभी पर्व हिंदू त्योहार कैलेंडर पर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में पोंगल कब है?
पोंगल 2027 भोगी (14 जनवरी) से काणुम पोंगल (17 जनवरी) तक है। मुख्य दिन थाई पोंगल शुक्रवार, 15 जनवरी को है।
पोंगल के चार दिन कौन से हैं?
भोगी, थाई पोंगल, मट्टू पोंगल और काणुम पोंगल।
पोंगल का पात्र क्यों उफनाया जाता है?
नई चावल का उफनना आने वाले वर्ष की समृद्धि का प्रतीक है।

स्रोत और आगे पढ़ें

  1. हिंदू त्योहार तिथियाँ 2026 (Samvat पंचांग)
  2. हिंदू त्योहार तिथियाँ 2027 (Samvat पंचांग)

पढ़ें हमारी संपादकीय नीति कि शास्त्र, पुराण और लोक परंपरा को कैसे चिह्नित किया जाता है।

आगे पढ़ें

पोंगल से जुड़े

एक्सप्लोरर खोलें