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कथाPuranic tradition (Samudra Manthan)भागवत और विष्णु पुराण (धन्वंतरि, समुद्र-मंथन)

धनतेरस: पहले दिन की कथा और महत्त्व

धनतेरस स्वास्थ्य और धन की पूजा से दीपावली का आरंभ करता है — समुद्र-मंथन से अमृत-कलश लेकर प्रकट हुए देववैद्य धन्वंतरि की आराधना, सोना खरीदने और पहला दीप जलाने की परंपरा।

1 मिनट में पढ़ें · अपडेट 24 Oct 2026

इस कथा के पात्र

कथा

पर्व का पहला दिन

धनतेरस — धन-त्रयोदशी — दीपावली के पाँच दिनों का आरंभ करता है। 'धन' अर्थात् सम्पदा; यह दिन स्वास्थ्य, समृद्धि और पुराने को हटाने को समर्पित है।

धन्वंतरि की कथा

धनतेरस धन्वंतरि — देववैद्य और विष्णु के अवतार — को सम्मान देता है, जो समुद्र-मंथन से अमृत-कलश और आयुर्वेद का ज्ञान लेकर प्रकट हुए। उन्होंने आरोग्य और समुद्र का धन दोनों दिए, इसीलिए यह दिन स्वास्थ्य और धन की कामना का दिन बना। एक दूसरी कथा राजा हिम के पुत्र की है, जिसे उसकी बुद्धिमान पत्नी ने द्वार पर सोना और दीप सजाकर मृत्यु से बचाया।

सोना-धातु क्यों खरीदते हैं

धनतेरस पर घर में कुछ नया धातु — सोना, चांदी या बर्तन — लाना शुभ माना जाता है, जो लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक है। संध्या में लक्ष्मी और कुबेर की पूजा होती है।

गहरा अर्थ

धनतेरस दो प्रकार की सम्पदा — आरोग्य और ऐश्वर्य — को जोड़ता है। धन्वंतरि का उपहार सोने से पहले औषधि था। यह दिन याद दिलाता है कि पहला धन स्वस्थ शरीर और स्वच्छ मन है।

अर्थ और सीख

धनतेरस आरोग्य और ऐश्वर्य — दो प्रकार की सम्पदा — को जोड़ता है। पहला धन स्वस्थ शरीर और स्वच्छ मन है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनतेरस क्या है?
दीपावली का पहला दिन (धन-त्रयोदशी), स्वास्थ्य और धन को समर्पित।
धन्वंतरि कौन हैं?
देववैद्य और विष्णु के अवतार, जो समुद्र-मंथन से अमृत-कलश लेकर प्रकट हुए।
धनतेरस पर सोना क्यों खरीदते हैं?
नया धातु लाना लक्ष्मी और समृद्धि के आगमन का शुभ प्रतीक है।
धनतेरस की संध्या किसकी पूजा?
लक्ष्मी और कुबेर की, और पहला दीप जलाया जाता है।
धनतेरस स्वास्थ्य से क्यों जुड़ा है?
क्योंकि यह आयुर्वेद के देव धन्वंतरि को सम्मान देता है।

स्रोत

  1. भागवत और विष्णु पुराण (धन्वंतरि, समुद्र-मंथन)
  2. लोकपरंपरा

पढ़ें हमारी संपादकीय नीति कि शास्त्र, पुराण और लोक परंपरा को कैसे चिह्नित किया जाता है।