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कौस्तुभ मणि
Objectप्रतीक विज्ञान

कौस्तुभ मणि: उत्पत्ति

कौस्तुभ मणि भगवान विष्णु के वक्षस्थल पर सुशोभित दिव्य रत्न है। समुद्र मंथन में लक्ष्मी के साथ यह मणि प्रकट हुई थी। विष्णु पुराण इसे जगत की निर्मल आत्मा का प्रतीक मानता है।

यह कहाँ से आया?

ग्रंथों में इसकी अलग-अलग कथाएँ हैं।

भागवत पुराण, स्कंध 8

क्षीरसागर से निकली

समुद्र मंथन के समय यह मणि प्रकट होती है और विष्णु इसे ग्रहण करते हैं।

विष्णु पुराण 1.22

संसार की आत्मा

पुराण कौस्तुभ को आत्मा, शुद्ध चेतना, बताता है।

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