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डमरू
Objectप्रतीक विज्ञान

डमरू: प्रश्न व स्रोत

डमरू भगवान शिव का छोटा, घड़ी-आकार वाद्य है, जो नटराज के ऊपरी दाएँ हाथ में होता है। इसकी ध्वनि सृष्टि की लय का प्रतीक है, और परंपरा के अनुसार इसके चौदह नादों से माहेश्वर सूत्र उत्पन्न हुए।

धारकशिशिव

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिव के ढोल को क्या कहते हैं?
डमरू, रेत-घड़ी के आकार का एक छोटा ढोल।
डमरू किसका प्रतीक है?
सृष्टि की ध्वनि का; नटराज की मूर्तियों में यह प्रलय के प्रतीक अग्नि के साथ जोड़ा जाता है।
माहेश्वर सूत्र क्या हैं?
संस्कृत ध्वनियों को व्यवस्थित करने वाली चौदह पंक्तियाँ, जो परंपरा से शिव के डमरू से निकली मानी जाती हैं और जिनका प्रयोग पाणिनि ने अपने व्याकरण में किया।

स्रोत

  1. नंदिकेश्वर काशिका
  2. आनंद कुमारस्वामी, द डांस ऑफ़ शिवा (1918)
  3. नटराज की चोल कांस्य मूर्तियाँ (10वीं-12वीं शताब्दी)

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